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Vaastu Naresh
A gold medallist, Mr. Naresh Singal is an internationally acclaimed Vaast..
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Vastu Naresh 2 Days Customised Vaastu Workshop (Based on Date on Birth) Vaastoshpatey pratijanihyasmaan swavesho anmivo bhava Naha, ..read more
जीवन में ऊंची उडान के लिए फेंग्‍शुई गिद्ध गिद्ध का ही एक दूसरा नाम है गरूढ। हिंदू मान्‍यता के अनुसार, गरूढ भगवान विष्‍णु का वाहन है। हिंदू मान्‍यता की तरह गिद्ध अन्‍य सभ्‍यताओं और संस्‍कृतियों में भी महत्‍वपूर्ण माना जाता है। तीव्र उडान, आकाश में गमन करने की क्षमता, शक्ति और बुद्धिमता के कारण गिद्ध को फेंग्‍शुई में भी खास महत्‍व दिया जाता है। फेंग्‍शुई का यह नायाब गैजेट किस-किस प्रकार लाभकारी साबित हो सकता है, आइए जानते हैं। गिद्ध में यह खासायित है कि यह ऊंचे और दुर्गम्‍य पहाडों पर अपना घोंसला बनाता है। इसकी यही खूबी जिंदगी में दुर्लभ चीजों की प्राप्ति कराती है। अगर आपने अपनी जिंदगी का ऐसा ही कोई दुर्लभ लक्ष्‍य निर्धारित किया है तो फेंग्‍शुई गिद्ध को निश्चित तौर पर घर में स्‍थापित करें। अगर आप एडवेंचर स्‍पोर्ट्स में है या नेवी, आर्मी अथवा एयर फोर्स आदि साहसिक कार्यों में करियर बनाना चाहते हैं, तो फेंग्‍शुई विशेषज्ञ से मिलकर इस गैजेट को अपनी निजी शुभ दिशा में स्‍थापित करें। सेल्‍स और मार्किंटिंग का कार्य करने वाले व्‍यक्तियों को अक्‍सर अपने टारगेट को पूरा करना होता है। उनके लक्ष्‍य को आसानी से उपलब्‍ध करनवाने में यह गैजेट मददगार हो सकता है। इसे अपने कार्यस्‍थल पर स्‍थापित करें। अपने बिजनेस या करियर में आकाश की ऊंचाइयों को छूना चाहते हैं, तो फेंग्‍शुई गिद्ध को अपने केबिन में स्‍थ‍ापित करें। अगर आप अपने बॉस को इम्‍प्रेस करने के लिए कोई उपहार देना चाहते हैं, तो गिद्ध की तस्‍वीर या स्‍टैरच्‍यु से बेहतर उपहार दूसरा नहीं हो सकता। फेंग्‍शुई गिद्ध को घर में स्‍थापित करना परिवार के सदस्‍यों के स्‍वास्‍थ्‍य को सुरक्षा चक्र प्रदान करता है। हम बीमारियों के शिकार तब होते हैं, जब हमारी इम्‍युनिटी पावर यानी रोगों से लडने की क्षमता कम हो जाती है। फेंग्‍शुई गिद्ध शक्ति का पर्याय है, इसे जहां स्‍थापित किया जाता है, वहां बीमारियां आसानी से पांव नहीं पसार पातीं। लंबी बीमारी से लडने और उबरने में भी यह गैजेट मददगार साबित होता है। फेंग्‍शुई गिद्ध स्‍वतंत्रता, इच्‍छाशक्ति और ज्ञान का पर्याय भी माना जाता है। इन्‍हीं खूबियों के कारण विद्यार्थियों, को इसे अपने स्‍टडी में स्‍थातिप करना चाहिए। इससे न सिर्फ उनके विचारों में गहराई व स्‍पष्‍टता आएगी, बल्कि अपने लक्ष्‍य की प्राप्ति में भी मदद मिलेगी। Buy Now:- https://amzn.to/2GqHFZ8 ..read more
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Vastu Naresh 2 Days Customised Vaastu Workshop (Based on Date on Birth) Vaastoshpatey pratijanihyasmaan swavesho anmivo bhava Naha, ..read more
नवरात्र आराधना में वास्तु अनुकूल स्थान के लाभ हालांकि हिन्दू विचारधारा के अनुसार आराधना पूर्णतया बिना किसी उद्देश्य या कामना के की जानी चाहिए। परन्तु व्यवहारिकता में यह चीज देखने को नहीं मिलती है पूजा या आराधना का उद्देश्य प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में होता ही है। आजकल नवरात्र का पावन समय है एवं देश के प्रत्येक भाग में अपनी अपनी विद्यमान पद्वतियों से पूरा आराधना की जाती है। परन्तु यदि आपके निवास का आराधना स्थल वास्तु अनुसार सही दिशा एवं सही स्थान पर है तो आराधना अधिक सार्थक एवं मनोकामना पूर्ण करने वाली होतेी है। उत्तर पूर्व दिशा भगवान शंकर का वास है। भगवान शंकर को देवों के देव कहा जाता है। आपके निवास एवं कार्य स्थल के परिसर में उत्तर पूर्व दिशा का विशेष महत्व है। आपका आराधना स्थल आपके निवास स्थान में उत्तर पूर्व में ही स्थित होना चाहिए। यदि आपका पूजा स्थल वास्तु के अनुसार उचित स्थान पर है एवं दोष रहित है तो आराधक एवं आराध्य के मध्य बिना किसी व्यवधान के तारतम्य बना रहता है। उत्तर पूर्व ईशान वास्तु पुरूष का सिर अर्थात दिमाग होता है। पूरे शरीर का रिमोट या कहें कि नियंत्रण दिमाग से ही होता है व्यक्ति की सोच, विचारधारा एवं अन्य कार्य कलाप ये सब उसके दिमाग या मस्तिष्क पर ही निर्भर है। अतः आप उत्तर पूर्व दिशा को सोच या मानसिक संतुलन का आधार कह सकते हैं। आराधना के लिए यह आवश्यक नहीं है कि आप कितने समय आराधना करते हैं जबकि ये आवश्यक है कि आपने अपने आराध्य को किस स्थल पर स्थापित किया हुआ है एवं आराधना से सम्बन्धित अन्य सामग्रियां भी कहा रखा हुआ है। प्राय देखा गया है कि घरों में पूजाघर के अतिरिक्त अन्य कक्षों में भी आराध्य देव एवं देवियों के चित्र आदि रहते हैं जो कि उचित नहीं है। वैसे तो चहुं दिशाओं में भगवान का वास होता है परन्तु शास्त्रों के अनुसार दक्षिण दिशा को यम की दिशा कहा जाता है एवं इसे ओर आराधना घर होने पर आराधना सार्थक नहीं होती है। दक्षिण पश्चिम दिशा में पूजा घर होने की दशा में आपके व्ययों में वृद्धि होगी एवं आप बेवजह में समस्याओं में उलझे रहेंगे। इसके लिए यदि आप वास्तु ज्ञाता से सम्पर्क करें तो वह आपके निवास के अनुसार आराधना घर को व्यवस्थित करायेंगे जो कि आपके जीवन में चहुं विकास एवं प्रसन्नता का प्रसाद देगा। घर में बनाऐं गए पूजा स्थल में कभी भी स्वर्गीय लोगो की तस्वीर नहीं रखनी चाहिऐं, तथा पूजा स्थल में हमेशा देवी-देवताओ की तस्वीर ही लगाऐं मूर्ति कदापि न लगाऐं। घंटी व शंख बजाकर पूजा नहीं करनी चाहिएंे ऐसा सिर्फ सार्वजनिक मंदिर में होता है। पूजा स्थल के पर्दे हमेशा साधारण रंग के हो जैसे की आप अपने कक्ष में या अतिथिकक्ष में प्रयोग करते हो। कभी भी भगवा, केसरिया इत्यादि रंगो का चयन न करे। दक्षिण में जिस घर में पूजा स्थल होता है ऐसे घर में हर वक्त लड़ाई झगड़े होते है तथा उनकी अराधना भी ठीक से नहीं हो पाती तथा परिवार में मतभेद की स्थिति बनीं रहती है। इस प्रकार आप नवरात्रो के शुभ अवसर पर इन परिवर्तन को अपनाकर घर में सुख शांति ला सकते है। ..read more
महिलाओं की भूमिका में विस्तार से जो नये दायित्व आयें हैं उनमें बच्चों की शिक्षा, घर के बाहरे के कार्य के साथ साथ घर में आर्थिक सहयोग हेतु बाहर नौकरी करना भी सम्मिलित हो गया है। जिसके कारण महिलायें दबाब में जीवन व्यतीत करती हैं। इसका उनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पडा है एवं महिलाओं में नींद न आना एवं डिप्रेशन का रोग तेजी से बढता जा रहा है। महिला किसी भी परिवार को मेरूदण्ड है यदि महिला स्वास्थ एवं प्रसन्न नहीं है तो वह परिवार कभी भी आदर्श नहीं हो सकता। महिला के असामान्य होने के प्रभाव से परिवार अछूुता नहीं रह सकता। इस स्थिति से छुटाकारा दिलाने के लिए वास्तु एक महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर सकता है। यदि आपके घर के दक्षिण में दोष है तो आप चाहें जितने ऊर्जावान हों आपको समस्यायें घेरे रहेंगी एवं आप स्वास्थ्य की ओर से परेशान ही रहेंगी एवं आप तनावरहित एवं प्रसन्नता का अनुभव नहीं कर पायेंगी। सूर्य पूर्व दिशा में उदय होकर सांयकाल में पश्चिम दिशा में अस्त होता है अतः साफ है यह जोन शक्ति एवं ऊर्जा का जोन है। यदि आप इस जोन को वास्तु के अनुकूल व्यवस्थित करते हैं तो आप भी अपने घर वं आफिस में ऊर्जावान रहेंगे। आपका यह जोन सुदृढ होने की दशा में महिलायें अपने दायित्व को बिना किसी परेशानी के व्यवस्थित रूप से पूर्ण कर पायेंगी फलस्वरूप अनिद्रा एवं थकान की परेशानी नहीं रहेगी । आप दक्षिण जोन को भी वास्तु अनुकूल बनाकर इस समस्या जो निजात पा सकते हैं। दक्षिण जोन में सुधार हेतु कुछ सुझाव निम्नवत हैंः दक्षिण जोन की कलर स्कीम में वास्तु अनुकूल परिवर्तन करें इस जोन में जल सम्बन्धित कोई कलर नहीं होना चाहिए क्योंकि यह आपके जीवन में उथल पुथल पैदा करता है। यह जोन अग्नि क्षेत्र कहलाता है अतः यदि आप इस जोन में जल सम्बन्धित रंग का प्रयोग करती हैं तो विरोध प्रवृत्ति के कारण हमेशा अशान्त व अव्यवस्थित रहेंगे। इस क्षेत्र के लिए लाल रंग को अनुकूल माना गया है इससे आप पहले से कहीं व्यवस्थित और ऊर्जावान महसूस करेंगे। इस दिशा या क्षेत्र में आप फेंगशुई के अनुसार लाल रंग की पिक्चर लगाकर इसकी अनुकूलता में वृद्धि कर सकते हैं। इस दिशा में कभी भी शीशा नहीं लगाना चाहिए। इस जोन में जल से सम्बन्धित चित्र या एक्वरियम नहीं लगाया चाहिए। ..read more
Vaastu Naresh by Root - 3M ago
बुरे दिनों का साथी कहते हैं कि बुरे दिन बता कर नहीं आते। सच भी है। इसलिए समझदार वही है जो बुरे दिनों के लिए पहले से तैयार रहता है। बुरे वक्‍त से निपटने के लिए हम भी अपने-अपने तरीके से तैयारी करते हैं। बात चाहे रूपए-पैसे की हो या स्‍वास्‍थ्‍य की। आर्थिक तंगी से निपटने के लिए हम नियमित बचत करते हैं तो बीमारी, रोग आदि के लिए मेडिकल इंश्‍योरेंस करवाते हैं। यह बताने की आवश्‍यकता नहीं कि ये सब चीजें बुरे समय में हमारे कितना काम आती हैं। आज हम फेग्‍शुई के जिस गैजेट की चर्चा कर रहे हैं, वह भी इसी प्रकार हमारे दुर्दिनों का साथी है। न सिर्फ वह बुरे समय में हमारे लिए सहायता का काम करता है, वरन् उसकी स्‍थापना हमें आने वाली विपदा और दुर्भाय से बचाती भी है। हम बात कर रहे हैं फेग्‍शुई ऊंट की। जिस तरह यह जानवर विलक्षण क्षमताओं वाला है, उसी प्रकार फेंग्‍शुई गैजेट के रूप में भी इसके प्रभाव विलक्षण हैं। ऊंट एकमात्र ऐसा जानवर है, जो विपरीत परिस्थितियों में कई दिनों तक बिना खाए-पीए रहकर भी अपने सवार को उसकी मंजिल तक पहुंचाने का माद्दा रखता है। जानते हैं इस गैजेट के उपयोग और कुछ और विशेषताओं के बारे में। अगर आपके परिवार में आए दिन कोई न कोई बीमार रहता है या परिवार के किसी सदस्‍य को बीमारी, दुर्घटना आदि का खतरा बना रहता है, तो यह गैजेट निश्चित रूप से उसके लिए सहायक साबित हो सकता है। यही नहीं, हमारी आधी से अधिक चिंताओं और परेशानियों की वजह होती है, आर्थिक समस्‍याएं। आपको अपने निवेश का उचित प्रतिफल मिले और आपके पास कैश फ्लो यानी नगद की आवक बनी रहे, इसके लिए फेंग्‍शुई ऊंट को घर के उत्‍तर-पश्चिम में स्‍थापित करना चाहिए। कुछ विशेषज्ञों का ऐसा भी मानना है कि निवेश को सुरक्षित बनाने और उससे अधिकतम लाभ पाने के लिए ऊंट का जोडा स्‍थापित करना चाहिए। अगर आपका पैसा कहीं फंसा है और वह आपको सही समय पर प्राप्‍त नहीं हो रहा है या आप नगदी की समस्‍या से जूझ रहे हैं तो डबल यानी दो कूब वाले ऊंटों के जोडे को घर में स्‍थापित करें। घर ही नहीं, आफिस में भी इसे स्‍थापित करना आर्थिक तरक्‍की दिलाता है। यह आपके व्‍यापार के‍ रिस्‍क को कम करता है, आपके निवेश को सुरक्षित बनाता है तो चुनौतियों का सामना करने की क्षमता भी प्रदान करता है। घर की तरह ऑफिस में भी इसे उत्‍तर-पश्चिम दिशा में ही स्‍थापित करना चाहिए। Buy Now :- https://amzn.to/2XYjD2f ..read more
खूबसूरत घर वह होता है, जहां खुशियां बसती हैं, रिश्‍तों में मिठास होता है और सुखद भविष्‍य की कल्‍पना होती है। भला कौन नहीं करता ऐसे घर का तस्‍सवुर। आप और हम सब चाहते हैं कि हमारा घर-आंगन खुशियों से महकता रहे। आज हम आपको ऐसे ही एक फेंग्‍शुई गैजेट की जानकारी दे रहे हैं, जो पारीवारिक रिश्‍तों के बीच मिठास पैदा करता है। यह गैजेट हैं- फेंग्‍शुई ति‍तलियां। तितलियां जिनका संबंध खूबसूरती और खुशहाली से है। जिस तरह ति‍तलियां किसी उपवन की खूबसूरती में चार चांद लगा देती हैं, उसी तरह फेंग्‍शुई ति‍तलियां आपके घर को खुशियों का बसेरा बनाने में अहम् भूमिका निभाती हैं। जानते हैं इस गैजेट और इसके उपयोग से जुडी कुछ खास बातें। इस गैजेट का उपयोग यानी घर में इसकी मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि वहां निवास करने वाले सदस्‍य खुशहाली की कामना करते हैं। इस गैजेट का सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण उपयोग अपने मनचाहे जीवनसाथी यानी अपने प्रेम संबंध को चिरस्‍थायी बनाने के लिए किया जाता है अगर आप भी अपना मनचाहा जीवनसाथी पाना चाहते हैं, या जीवनसाथी के प्‍यार की कमी महसूस कर रहे हैं तो इस गैजेट को घर में स्‍थापित करें। अगर आप भी अपने प्रेमी या प्रेमिका को हमेशा के लिए अपना बना लेना चाहते हैं, तो इस गैजेट को अपने शयनकक्ष में स्‍थान अवश्‍य दें। दंपती के शयनकक्ष में यह गैजेट उनके प्रेम संबंधों में मिठास एवं उत्‍साह भर देता है। फेंग्‍शुई के इस गैजेट का संबंध रचनात्‍मकता से भी है। फेंग्‍शुई तितलियों को रचनात्‍मक कार्यों से जुडे युवा/युवती अपने कक्ष में रखें तो यह उनकी रचनाशीलता में वृद्धि करता है। इसे बच्‍चों के अध्‍ययन कक्ष में भी रखा जा सकता है। इससे पढाई में न सिर्फ उनकी एकाग्रता बढती है, वरन उन्‍हें क्रिएटिव भी बनाती है। विशेष यह है कि फेंग्‍शुइ तितलियों को चित्र के रूप में भी घर में स्‍थान दिया जा सकता है। पेंटिग के रूप में भी यह गैजेट उतना ही लाभकारी होता है। ध्‍यान रखने योग्‍य बात यह है कि फेंग्‍शुई तितलियों को जहां तक संभव हो सके सम संख्‍या में ही रखें, विषम संख्‍या में इन्‍हें नहीं रखना चाहिए। अगर पेंटिंग के रूप में आप यह गैजैट घर लाते हैं, तो भी ध्‍यान दें कि पेंटिग में तितलियों की संख्‍या सम हो, विषम नहीं। ..read more

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