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आजकल चीन में कोरोना वायरस का आतंक फैला हुआ है, यह छोटासा लेख कोरोना वायरस के बारे में है जो चीन को सता रहा है। चीन से बाहर 22 देशों में कोरोना वायरस के कई मामलों में पुष्टि हुई है, इन देशों में थाईलैंड, जापान, दक्षिण कोरिया मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, फ़्रांस, अमेरिका, जर्मनी और संयुक्त अमीरात शामिल है।    क्या है आखिर कोरोना वायरस? कोरोना वायरस (सीओवी) का सम्बन्ध वायरस के एक ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने तक तकलीफ हो सकती है। ये वायरस श्वसन प्रणाली को पीड़ित करते है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया। ये वायरस अधिकांश मुख्य रूप से बिल्लियों, चमगादड़ और पक्षियों जैसे जानवरों को संक्रमित करते है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान शहर में शुरू हुआ था। चीनी लोग चमगादड़ का सूप और सारी गंदगी पीते है। डब्लूएचवो के मुताबिक बुखार, खाँसी, मांसपेशियों में दर्द, सांस लेने में तकलीफ इसके मुख्य लक्षण है। कम लोग है जो बलगम या खून,खाँसी और दस्त से पीड़ित है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सुझाव दिया गया है और अपुष्ट है कि कोरोना वायरस महामारी बन गया है और चीन ने वुहान शहर के पास 12000 से अधिक शवों को जला दिया है।   सीटी स्कैन में भी यह पाया गया है की सभी रोगियों को निमोनिया है और उनके फेफड़े प्रभावित है। इस वायरस के कारण शरीर का जो मुख्य भाग प्रभावित होने वाला है वह शरीर में फेफड़े और गर्दन तक की नसे है क्योंकि इसमें छींकने और खांसने की आवश्यकता होती है।      कैसे फैलता है कोरोना वायरस? यह एक श्वसन प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला वायरस है, जब कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है, तब ये वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है। ये वायरस छींकने या खांसने के माध्यम से दूसरों को अपने चपेट में लेता है। इस प्रकार हाथ धोना और उचित स्वछता बनायें रखना जरुरी है। स्वस्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किये है, इनके मुताबिक अपने हाथों को साफ़ पानी और साबुन से धोना चाहिए। एक संक्रमित व्यक्ति से केवल वायरस से बचने के लिए थोड़ी दूरी बनाये रखें और उसे स्पर्श न करें।  दूरी बनायें रखना खांसते और छींकते समय नाक और मुहं रुमाल या टिश्यू पेपर से ढककर रखें, अंडे-मांस के सेवन से बचे और जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें। ज्योतिषीय रूप से, मैं इस बारे में बात करने जा रहा हूं कि इस वायरस से कौन सबसे अधिक प्रभावित हो सकता है,  हम सभी जानते हैं कि कर्क, वृश्चिक और मीन जल तत्व राशियाँ हैं। मिथुन, तुला और कुंभ वायु तत्व राशियाँ हैं और वृषभ, कन्या और मकर पृथ्वी तत्व राशियाँ हैं। पृथ्वी पर जब विपत्ति की संभावना हो तो पृथ्वी तत्व से संबंधित राशियों के लोग प्रभावित होते हैं, तो उन्हें बचाना मुश्किल होता है। पानी के संकेत के बीच, कर्क राशि वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित होंगे और फिर वृश्चिक और मीन राशि के  लोग कम से कम प्रभावित होंगे। कर्क वह चिन्ह है जो कि कालपुरुष की कुंडली में फेफड़ों पर और 8 वें भाव पर सबसे अधिक घातक होते है। स्कॉर्पियो भी नकारात्मक मंगल के संकेत है जो सभी प्रकार की बुरी चीजों और भावनाओं से जुड़ा हुआ है। अभी अभिमंत्रित काला हकीक आर्डर करें   जो लोग जल्दी ही वायु की चपेट में आते है, उनको यह रोग जल्दी ही अपनी चपेट में लेता है और यह बड़े पैमाने पर फैलता है। यदि आपको पता है कि आपकी राशि का सम्बन्ध इस राशि तत्व से है तो कोरोना वायरस से दूर रहकर सावधानी बरतना आपके लिए उचित है।   यदि आप पर चंद्रमा, राहू, की मुख्य दशा, अन्तर्दशा चल रही है या आप इस वायरस से प्रभावित होते है तो विशेष रूप से राहू और केतु भी प्रभावित होंगे। यदि सूर्य या मंगल या बृहस्पति की मुख्य दशा, अन्तर्दशा चल रही है, तो आपको ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये कोरोना वायरस के खिलाफ अच्छे से लड़ने की क्षमता रखते है चाहे फिर भले ही वह पीड़ित हो या न हो दूसरों की तुलना में जल्द ही ठीक हो जाते हैं और खुश और मुस्कुराते हुए इस वायरस की चपेट से बाहर आ सकते हैं। दाहिने हाथ की अनामिका में रूबी और लाल मूंगा की अंगूठी को एक साथ पहनना अपने आप को इस तरह के किसी भी दुःख या बीमारी से बचाने के लिए एक अच्छा ऑप्शन है , लेकिन यह सुनिश्चित करें कि ये ग्रह आपकी व्यक्तिगत कुंडली में किस भाव में बैठे हैं।  इस बीमारी से लड़ने के लिए 5 वें पुच्छल उप स्वामी या इसके तारा स्वामी का पत्थर पहनें जो रोगों से लड़ने में मदद करेगा लेकिन अगर इस भाव में राहू और केतु हो तो इसे अवॉयड करना ही उचित होगा। अभी अभिमंत्रित लहसुनिया आर्डर करें   यह छोटा लेखन सिर्फ जागरूकता पैदा करने के लिए है न कि किसी तरह का डर पैदा करने के लिए। मेरे पास जो है, उससे आप सहमत हो भी सकते हैं या नहीं भी। मै ये नहीं चाहता कि आप मेरे द्वारा बताये गये उपायों को लागू करें, पर मुझे यकीन है कई मामलों में यह उपाय आपके काम आने वाला है। संबंधित अधिक जानकारी और दैनिक राशिफल पढने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को Like और Follow करें : Astrologer on Facebook The post कोरोना वायरस: किसे बहुत अधिक सावधान रहना चाहिए? appeared first on AstroVidhi. ..read more
So, finally on 16.2.2020, Arvind Kejriwal took the oath of Chief Minister of Delhi the third time in a row. The time was 12:14 pm at Ram ..read more

This small write up is about coronavirus which is haunting china. Coronavirus are large family of viruses that mostly afflict the ..read more

IPL 2020 is about to come. Since last four years AstroVidhi has been giving the predictions for each and every game and has been sporty ..read more

प्राचीनकाल से ही काले हकीक को ज्योतिष शास्त्र में महत्वपूर्ण माना गया है, हकीक से बनी माला को ज्योतिष के लिहाज से बेहद ही लाभदायक माना गया है। ऐसी मान्यता है की हकीक की माला से जप करने से भगवान शिव अति प्रसन्न हो जाते है। इसके अलावा हकीक की माला फेरने के साथ यदि हनुमान जी के मन्त्र का जप किया जाए, तो यह भी अति लाभप्रद होता है। जीवन में कितना भी बड़े सा बड़ा कष्ट क्यों न आये काले हकीक के प्रभाव से स्वयं की रक्षा के साथ-साथ उन कष्टों का निवारण भी हो जाता है। इस माला के बारे में जो लोग नहीं जानते उनके लिए यह लेख बहुत ही महत्वपूर्ण है, आइये आपको इस माला के फायदों के बारे में अवगत कराते है। काले हकीक के लाभ स्वयं की रक्षा के लिए यह माला बहुत ही प्रभावशाली होती है, इसके इस्तेमाल करने से जातक के मन से डर का खात्मा हो जाता है, साहस में वृद्धि होती है। शत्रुओं से बचाव हो जाता है, इसके साथ ही एक सुरक्षा की भावना मन में उत्पन्न होती है। अभी अभिमंत्रित काला हकीक आर्डर करें   मानसिक शांति के लिए काले हकीक के मोतियों की माला पहनने से मानसिक शांति मिलती है, मन में बुरे विचार नहीं आते, तन-मन रिलैक्स हो जाता है। किसी भी बुरे वक्त का जातक डटकर सामना करने में सक्षम हो जाता है। इसके प्रभाव से एकाग्रता में वृद्धि होती है, किसी भी काम के प्रति टेंशन नहीं रहती। आर्थिक स्थिति में सुधार हम यह जान ही चुके है की काले हकीक की माला का ज्योतिष शास्त्र में बड़ा ही महत्व है। घर से दरिद्रता दूर करने के लिए काले हकीक की माला को पूजा घर में स्थित माता लक्ष्मी के फोटो पर चढ़ाने से जातक के आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होना शुरू हो जाता है। शनि देव की कृपा पाने के लिए शनि देव की कृपा पाने के लिए काले हकीक की माला पहनना सबसे उत्तम माना गया है। जो लोग शनि से संबंधित वस्तुओं का व्‍यापार करते हैं, उन्‍हें काले हक़ीक की माला धारण करने से अवश्‍य ही लाभ होगा। इसके अलावा शनि देव के प्रकोप से बचने के लिए भी इस माला का प्रयोग लाभकारी होता है। काले हक़ीक की माला से शनि के मंत्र का जप करना अत्यंत लाभकारी होता है। काला हकीक माला की धारण विधि प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्व या सुबह स्नान करने के बाद मंगलवार या शनिवार के दिन यह माला धारण करना फलदायक होता है। काले हकीक की माला धारण करते समय शनि, तथा मंगल देव को याद करते हुए पूरी श्रद्धा से पूजा अर्चना करके 108 बार शनि के बीज मन्त्र – ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः मंगल के बीज मंत्र- ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम: का जाप जरुर करें। संबंधित अधिक जानकारी और दैनिक राशिफल पढने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को Like और Follow करें : Astrologer on Facebook अभी अभिमंत्रित काला हकीक आर्डर करें   The post जानिए काले हकीक के लाभ और धारण विधि appeared first on AstroVidhi. ..read more

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए धारण किया जाता है, ग्यारह मुखी रुद्राक्ष। भगवान शिव का रुद्र रूप है ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष। ग्‍यारह मुखी रुद्राक्ष को शिखा में बांधना या गले में धारण करना चाहिए। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष से जातक का भाग्योदय होता है। मान-सम्मान में वृद्धि होती है ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने के नियम ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करनेवाला व्यक्ति सदाचार का पालन करनेवाला तथा उसकी भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था होनी चाहिए। मांस-मदीरा या अन्य नशे की वस्तुओं से दूर रहना चाहिए। रविवार, सोमवार अथवा शिवरात्रि के दिन रुद्राक्ष को धारण करना शुभ होता है। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से पूर्व गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध करें। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को जागृत करने के लिए“ॐ ह्रीं हूँ नमः” मंत्र का उच्‍चारण 108 बार करें। अभी 11 मुखी रुद्राक्ष आर्डर करें   ग्यारह मुखी रुद्राक्ष के लाभ ग्यारह मुखी रुद्राक्ष के प्रभाव से आय के स्रोत खुलते है और व्यापार, कारोबार में वृद्धि होती है। व्यापारियों के लिए ग्यारहमुखी रुद्राक्ष अति उत्तम फल प्रदान करने वाला माना गया है। सेहत से सम्बंधित दिक्कते कम होती है। यदि दाम्पत्य जीवन में जीवनसाथी के साथ किसी प्रकार की शारीरिक समस्या उत्पन्न हो रही है तो उससे मुक्ति मिलती है। अगर किसी जातक की कुंडली में मंगल अशुभ घर में है या मंगल ग्रह की दशा या अन्तर्दशा चल रही है तो ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को पहनना उचित होता है। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से जातक चिंतामुक्त और साहसी, निडर हो जाता है। शत्रु भय से मुक्त हो जाता है। ग्यारह मुखी रुद्राक्ष व्यक्ति के जीवन को प्रकाशमय करने में अहम भूमिका निभाता है। धन-संपत्ति, भाग्योदय के लिए ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को अवश्य धारण करना चाहिए।   ग्यारह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने वाले व्यक्ति को राजनीति, कूटनीति और हर क्षेत्र में विजय हासिल होती है। संबंधित अधिक जानकारी और दैनिक राशिफल पढने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को Like और Follow करें : Astrologer on Facebook अभी 11 मुखी रुद्राक्ष आर्डर करें   The post ग्यारह मुखी रुद्राक्ष, जानिए लाभ और धारण करने के नियम appeared first on AstroVidhi. ..read more

वर्ष 2020 में कुल 4 चंद्र ग्रहण लगेंगे, 10 जनवरी 2020 ..read more

पांच मुखी रुद्राक्ष का शासक बृहस्पति ग्रह है। यह रुद्राक्ष भगवान शिव के दूसरे रूप रूद्र का प्रतीक भी है, जिसे कालाग्नि कहा जाता है। यह पवित्र और प्रभावशाली रुद्राक्ष पंचेश्वर या पांच मुखी शिव का प्रतिनिधित्व करता है। पांच मुखी रुद्राक्ष बहुत ही प्रभावशाली रुद्राक्ष है, इस रुद्राक्ष पर पांच देवों की कृपा बरसती है, जिस कारण यह पांच तत्वों से निर्मित दोषों का नाश करता है। यह मानसिक शांति प्रदान करता है। पढ़ने वाले छात्रों के लिए यह रुद्राक्ष किसी वरदान से कम नहीं है, इसके अलावा स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिए इस रुद्राक्ष को धारण किया जाता है, आध्यात्मिक कार्यों और गृहस्थ जीवन में सुख-शांति बनायें रखने के लिए यह रुद्राक्ष बहुत लाभकारी होता है। पांच मुखी रुद्राक्ष और ज्योतिष शिव पुराण के अनुसार पांच मुखी एकमात्र ऐसा रुद्राक्ष है, जिस पर भगवान शिव के साथ भगवान विष्णु, भगवान गणेश, सूर्य भगवान व शक्ति की प्रतीक माँ भगवती की असीम कृपा होती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार यदि कुंडली में बृहस्पति कमजोर हो अथवा अस्त हो तो पांच मुखी रुद्राक्ष को धारण करना लाभदायक होता है। पांच मुखी रुद्राक्ष का स्वामी बृहस्पति है। इसी कारण पांच मुखी रुद्राक्ष को धारण करनेवाले व्यक्ति के अंदर उर्जा, एकाग्रता, मानसिक शांति और शक्ति का निर्माण होता है। यह रुद्राक्ष धनु तथा मीन राशि के लोगों के लिए बहुत लाभदायक होता है, इसके अलवा यह रुद्राक्ष किसी भी राशि का जातक धारण कर सकता है। अभी अभिमंत्रित पांच मुखी रुद्राक्ष आर्डर करें   पांच मुखी रुद्राक्ष का महत्व  बृहस्पति देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करने से आपको बृहस्‍पति देव की कृपा तो मिलती ही है, साथ ही उनसे संबंधित दोष भी समाप्‍त हो जाते हैं। जिन जातकों की कुंडली में बृहस्‍पति कमजोर है तथा अपना शुभ फल नहीं दे रहें ऐसे जातकों के लिए पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करना उत्तम माना गया है, इसके प्रभाव से कुंडली में गुरु की स्थिति मजबूत होती है तथा जीवन में सभी क्षेत्र में कामयाबी मिलती है। व्यक्ति निडर होकर हर कार्य में सफलता की सीढ़ी चढ़ने में कामयाब होता है। स्मरण शक्ति में वृद्धि   पांच मुखी रुद्राक्ष याददाश्त और एकाग्रता शक्ति में सुधार करने में बहुत ही मददगार है। जो जातक किसी भी बात को लम्बे समय तक याद नहीं रख पाता या जो छात्र पढाई में कमजोर है, जिनकी याददाश्त कमजोर है, उन्हें पांच मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए। इसके प्रभाव से छात्र पढाई में कामयाबी हासिल करते है, भविष्य में उनकी स्मरण शक्ति में तेजी से वृद्धि होती है। इस रुद्राक्ष के प्रभाव से छात्र ऊँचे स्तर की पढाई करने में कामयाब होते है तथा जीवन में सफल होते है। शिक्षा प्राप्ति में आनेवाली रूकावटे दूर होती है हमने अक्सर देखा है की पढने वाले कई छात्र जी तोड़ मेहनत कर पढाई में अव्वल आने के लिए हमेशा प्रयासरत रहते है परन्तु कुंडली में उपस्थित अशुभ ग्रहों के प्रभाव के कारण छात्रों को कई बार शिक्षा प्राप्ति में रुकावटों का सामना करना पड़ता है या उनको मेहनत के अनुसार परिणाम प्राप्त नहीं होते, ऐसे छात्र बिल्कुल भी निराश न हो, क्योंकि पांच मुखी रुद्राक्ष आपके लिए ही है, बिना संकोच इस रुद्राक्ष को धारण करने के बाद आपको स्वयं को महसूस होगा की आपकी शिक्षा प्राप्ति में जो भी रूकावटे आ रही है, उनका समूल नाश हो रहा है और आपकी शिक्षा के प्रति रूचि और भी बढ़ गयी है, इस रुद्राक्ष के प्रभाव से पांच देवों की कृपा आप पर बनी रहती है और भगवान स्वयं पढाई में आपकी सहायता करते है और आपको कामयाब बनाते है। सुख-समृद्धि की प्राप्ति बढ़ती उम्र के साथ यदि आपकी सुख-समृद्धि घट रही है या आपके द्वारा अर्जित किए गए ज्ञान में कमी आ रही है तो आपको पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करने से लाभ होगा। धन के साथ साथ मान-सम्मान तथा सुख शांति की प्राप्ति होगी, जो जातक जीवन में तरक्की करना चाहता है उसको बिना संकोच पांच मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। इस रुद्राक्ष के प्रभाव से जातक के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते है और जातक ऐशो-आराम का जीवन व्यतीत करने में कामयाब होते है। वैवाहिक जीवन में मधुरता आजकल जिस घर में भी देखे सास-बहु की लड़ाई, पति-पत्नी की लड़ाई सुनाई देती है, लोगों के जीवन में वैवाहिक सुख में कमी के साथ साथ मानसिक तनाव बढ़ रहा है। ऐसे में पांच मुखी रुद्राक्ष ही ऐसा रुद्राक्ष है जो आपको वैवाहिक जीवन का सुख दे सकता है इसलिए जो जातक अपने दाम्पत्य जीवन से नाखुश है, पति-पत्नी के बीच वैचारिक मतभेद उत्पन्न हो रहे है, अलगाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है, तो ऐसे नाजुक समय का सामना करने से बचने के लिए तथा अपने वैवाहिक जीवन में रस भरने के लिए पांच मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए, इस रुद्राक्ष के प्रभाव से वैवाहिक जीवन का भरपूर सुख मिलता है, पति-पत्नी के बीच प्रेम बढ़ता है। वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है। संबंधित अधिक जानकारी और दैनिक राशिफल पढने के लिए आप हमारे फेसबुक पेज को Like और Follow करें : Astrologer on Facebook अभी अभिमंत्रित पांच मुखी रुद्राक्ष आर्डर करें   The post पांच मुखी रुद्राक्ष- छात्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है appeared first on AstroVidhi. ..read more

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